Wednesday, 27 April 2011

दूरिया .....


हम चाहते थे मिलना उनसे हर वक्त
पर time ही ना था ये exam कम्बख्त ....

हर पाल उनकी याद सताती है
पल्को मे भी हर बार पानी जमाती है ....

याद आते है वो हसीन दिन आज भी
क्या पता अब मिलना होगा अब कब कहा भी ....

कैसे हम दोनो वो शाम बीता करते थे
मन मन मे ही एक प्यारा सा संसार बस ते थे ....

ये दूरिया भी कितनी बेचैन हुमे करती है
अब आखे भी आपसे मिलने को तरसती है ....

ना दूर कर पायेगी ये दूरिया हुमे
दूर होकार भी पास मेहसूस करेंगे हम तुम्हे .....

वाद राहा आपसे हमारा हमारे आखिरी लब्ज तक
ना बिछड देंगे हम तुम्हे मरते दम तक .....
-- विकास सोमण
२०/०४/२०११

1 comment:

  1. 1 LINE JISE BAHOT KAM LOG SAMAJTE HAI
    "AANSU TAB NAHI AATE JAB AAP KISI KO MISS KARTE HO
    YE TO TAB AATE HAI JAB AAP KISI KO MISS NAHI KARNA CHAHTE"
    GOOD LUCK FOR YOUR REUNION PROG.
    AND KEEP IT UP JAYESH

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